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Monday, May 31, 2010

भगवान सूर्य की आरती

जय कश्यप नन्दन, ऊँ जय अदिति नन्दन।
द्दिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चन्दन॥
जय सप्त अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी।
दु:खहारी, सुखकारी, मानस मलहारी॥
जय सुर मुनि भूसुर वन्दित, विमल विभवशाली।
अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरण माली॥
जय सकल सुकर्म प्रसविता, सविता शुभकारी।
विश्व विलोचन मोचन, भव-बंधन भारी॥
जय कमल समूह विकासक, नाशक त्रय तापा।
सेवत सहज हरत अति, मनसिज संतापा॥
जय नेत्र व्याधि हर सुरवर, भू-पीड़ा हारी।
वृष्टि विमोचन संतत, परहित व्रतधारी॥
जय सूर्यदेव करुणाकर, अब करुणा कीजै।
हर अज्ञान मोह सब, तत्वज्ञान दीजै॥ जय ..

Sunday, May 30, 2010

श्री गायत्री माँ की आरती

ॐ जय गायत्री माता, स्वामी जय जगदम्बे माता |
तुम को निश दिन ध्यावत, हरि हर औ धाता ||
ॐ जय गायत्री माता ...

आदि शक्ति तुम जननी, जग पालन करनी |
दुःख शोक भय नाशनी, क्लेश कलह हत्री ||
ॐ जय गायत्री माता ...

तुम गंगा, तुम गीता, तुम ही सावित्री |
सविता शक्ति स्वरुपा माता गायत्री
ॐ जय गायत्री माता ...

स्वाहा स्वधा तुम हो तुम ही रुद्रानी
तुम विद्या तुम वाणी कमला कल्याणी
ॐ जय गायत्री माता ...

शुद्ध बुध्धि की दाता तुम तन की माता
तुष्टि दुष्टि तुम हो माँ क्रिद्धि श्रिद्धि दाता
ॐ जय गायत्री माता ...

तुम राधा तुम सीता तुम हो इन्द्राणी
परमा प्रकृति तुम ही हो माता ब्रम्हाणी
ॐ जय गायत्री माता ...

Friday, May 28, 2010

Kali Ma

काली मैया आरती
प्रेम सहित नित्य करू आरतीमहाकाली मैया की l
आरी डाला डरानी मंगला भरनीदुखाहरिनी सुखदैया की l
तुम ही अगम भव भरने वालीतुम ही जागता लय करने वाली l
तुम ही कष्ट लखी निज भक्तन परआकर तुंरत सहैया की l
तुम्हीं प्रबल हो हरी की शक्तिरुद्र भव शंकरा की भक्ति l
तुम्हीं जननी पतवार बनीइक सेवक सुंदरा नैया की ll

Arti - Ganga

गंगा मां आरती
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता ।
चंद्र सी ज्योति तुम्हारी, जल निर्मल आता । शरण पड़े जो तेरी , सो नर तर जाता ॥
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता ।
पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता । कृपा दृष्टि हो तुम्हारी, त्रिभुवन सुख दाता ॥
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता ।
एक बार जो प्राणी, शरण तेरी आता । यम की त्रास मिटाकर, परमगति पाता ॥
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता ।
आरति मातु तुम्हारी, जो नर नित गाता । सेवक वही सहज में, मुक्ति को पाता ॥
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता ।